बेलेरिव ओवल, होबार्ट – तस्मानिया का ऐतिहासिक क्रिकेट मैदान। 16,000 दर्शक क्षमता, 1989 में ऑस्ट्रेलिया vs श्रीलंका टेस्ट से अंतरराष्ट्रीय पहचान, और बल्लेबाजों व गेंदबाजों दोनों के लिए रोमांचक पिच
बेलेरिव ओवल (Bellerive Oval), तस्मानिया क्रिकेट का मुख्यालय है, जो 1987 में होबार्ट के क्वीन्स डोमेन (TCA Ground) से डर्वेंट नदी (Derwent River) के पूर्वी किनारे पर इस खूबसूरत मैदान में स्थानांतरित हुआ। पहले यह एक सामुदायिक खेल का मैदान था, जिसे समय-समय पर आधुनिक बनाया गया। 2000-02 के बीच बड़े पुनर्विकास के बाद यह तस्मानिया का प्रमुख क्रिकेट स्थल बन गया।
इतिहास और संरचना
- मैदान में तीन मुख्य स्टैंड हैं – साउदर्न स्टैंड (5800 क्षमता), मेंबर्स पैविलियन और प्लेयर पैविलियन।
- दो छोटे स्टैंड और पारंपरिक घास का टीला (hill stand) मिलकर लगभग 16,000 दर्शकों की क्षमता प्रदान करते हैं।
- मैदान का आकार 175 मीटर × 135 मीटर है – लंबाई में MCG से थोड़ा बड़ा, लेकिन चौड़ाई में संकरा।
पिच और खेल की विशेषताएँ
- 1957 में पहली बार टर्फ विकेट यहां लगाए गए। बाद में मैदान को समतल किया गया और आधुनिक पिचें बनाई गईं।
- सेंटर विकेट क्षेत्र में काउच ग्रास का इस्तेमाल होता है, जबकि परिधि की पिचों पर इंग्लिश राई ग्रास बोई जाती है।
- बेलेरिव ओवल की पिच पारंपरिक रूप से गेंदबाजों को शुरुआत में मदद करती है, लेकिन मैच के आगे बढ़ने पर यह बल्लेबाज़ों के लिए स्वर्ग बन जाती है।
- यहां का खेल अक्सर डर्वेंट नदी की दोपहर की हवाओं से प्रभावित होता है।
टेस्ट क्रिकेट का आगाज़
तस्मानिया का पहला टेस्ट मैच 1989 में ऑस्ट्रेलिया बनाम श्रीलंका के बीच इसी मैदान पर खेला गया था, जिसने बेलेरिव ओवल को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मानचित्र पर विशेष पहचान दिलाई।