स्थल विवरण (Venue Description)
एडिलेड ओवल ने अपना पहला वनडे 1975 में ऑस्ट्रेलिया और वेस्ट इंडीज़ के बीच आयोजित किया था। वर्षों में यहाँ कई रोमांचक मुकाबले हुए हैं, जिनमें 1993 का मशहूर टेस्ट भी शामिल है, जब वेस्ट इंडीज़ ने हार के कगार से वापसी कर 1 रन से ऑस्ट्रेलिया को हराया था।
2008 से 2014 के बीच हुए $575 मिलियन के पुनर्विकास में स्टेडियम के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में दो नए स्टैंड बनाए गए। हालांकि इस विकास ने स्टेडियम की कुछ पुरानी सादगी को कम कर दिया, लेकिन उत्तरी पहाड़ी (Northern Hill), प्रसिद्ध मोरटन बे अंजीर के पेड़ (Moreton Bay Figs) और पुराना हेरिटेज स्कोरबोर्ड अब भी दर्शकों को पुरानी यादें ताज़ा कराते हैं।
एडिलेड ओवल खूबसूरत बागानों और लहराते पेड़ों की पृष्ठभूमि में बसा हुआ एक दर्शनीय मैदान है।
ड्रॉप-इन पिच क्या है?
ड्रॉप-इन पिच वह क्रिकेट पिच होती है, जिसे मैदान से अलग किसी स्थान पर तैयार किया जाता है और मैच के लिए सीधे मैदान में "ड्रॉप" (लगाया) किया जाता है। यह तरीका बहुउद्देश्यीय स्टेडियमों को अन्य खेल और कार्यक्रमों की मेजबानी करने की अधिक सुविधा देता है, जबकि पारंपरिक क्रिकेट मैदान केवल क्रिकेट के लिए ही बने होते हैं।
पिच का व्यवहार (How does the pitch play?)
आम तौर पर एडिलेड ओवल को ऑस्ट्रेलिया की सबसे बेहतरीन बल्लेबाज़ी पिच माना जाता है। टेस्ट मैच के पहले तीन दिनों में यह पूरी तरह सपाट रहती है और बल्लेबाज़ों को मदद करती है। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, स्पिन गेंदबाज़ खेल में आते हैं। 2013 से यहाँ ड्रॉप-इन पिचों का उपयोग शुरू किया गया।