काउंटी ग्राउंड को 1889 में डब्ल्यू.जी. ग्रेस ने खरीदा था, जो पास में रहते थे। हालाँकि इस ग्राउंड का अस्तित्व कभी-कभी संघर्षपूर्ण रहा है—कई बार काउंटी ने इसे छोड़ने पर विचार किया—फिर भी यह आज भी ग्लॉस्टरशायर का मुख्य मैदान है और कभी-कभी ODI मैचों की मेज़बानी भी करता है। 1919 में काउंटी ने यह स्थल फ्राय की, कन्फेक्शनरी कंपनी, को बेचा, जिन्होंने अपने ग्राउंड्समैन को लगाया और कुछ समय के लिए इसका नाम बदल दिया। 1933 में काउंटी ने इसे वापस खरीद लिया। 1976 में इसे फिर से Royal & Sun Alliance को बेचा गया, और अंततः 2004 में वापस खरीदा गया।
यह मैदान भले ही खूबसूरत न हो, लेकिन क्रिकेट के इतिहास में इसकी अमिट छाप है। ग्राउंड में प्रवेश करते ही ग्रेस गेट्स (Grace Gates) दिखाई देते हैं, और लेजेंड्स जैसे गिलबर्ट जेसॉप और वैली हैमंड की भूमिका स्पष्ट महसूस होती है। मैदान का चरित्र विशिष्ट है—पेड़ों से घिरा हुआ और एक ठोस एडवर्डियन पैविलियन से सुसज्जित। विकेट अच्छी गुणवत्ता का है और स्पिनरों के पक्ष में जा सकता है।
ऐतिहासिक मैच और प्रदर्शन:
- 1909 में ग्लॉस्टरशायर ने मिडलसेक्स के खिलाफ एक दिन में मैच पूरा किया।
- 1939 में टॉम गॉडार्ड ने एक ही दिन में 17 विकेट लिए।
- 1938 में ग्लॉस्टरशायर-मिडलसेक्स मुकाबले में जिम स्मिथ ने केवल 11 मिनट में 50 रन बनाए, जिसमें 6 छक्के और 2 चौके शामिल थे।
- 1896 में ग्रेस ने ससेक्स के खिलाफ यहाँ ट्रिपल सेंचुरी बनाई, जिसे 1934 में हैमंड ने ग्लैमोरगन के खिलाफ दोहराया।
आज यह मैदान केवल क्रिकेट के लिए नहीं, बल्कि एक सामान्य खेल केंद्र के रूप में भी कार्य करता है। यहाँ स्क्वैश और टेनिस कोर्ट हैं, और सर्दियों में गॉल्फ ड्राइविंग रेंज के लिए टर्फ का उपयोग किया जाता है।