शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम, मीरपुर ढाका – बांग्लादेश क्रिकेट का नया घर। बेहतरीन ड्रेनेज सिस्टम, पहला टेस्ट (BAN vs IND 2007), और आधुनिक सुविधाओं वाला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्थल।
शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम, जिसका नाम 1940 के दशक के प्रसिद्ध नेता और स्वतंत्रता सेनानी ए.के. फ़ज़लुल हक़ के नाम पर रखा गया है, ढाका शहर के केंद्र से लगभग 10 किलोमीटर दूर मीरपुर में स्थित है।
बांगाबंधु नेशनल स्टेडियम से मीरपुर स्थानांतरण के फैसले का काफ़ी विरोध हुआ था, लेकिन बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने एक ऐसा मैदान चाहा जो केवल क्रिकेट को समर्पित हो, और आलोचना के बावजूद इस प्रोजेक्ट को पूरा किया।
📜 इतिहास और संरचना
- इस मैदान की सबसे अनोखी विशेषता इसकी ड्रेनेज सुविधा है, जिसे उपमहाद्वीप में सबसे बेहतर माना जाता है।
- मूल रूप से इसे फ़ुटबॉल और एथलेटिक्स के लिए बनाया गया था, इसलिए मैदान आयताकार था।
- क्रिकेट के अनुरूप बनाने के लिए ट्रैक हटाए गए, मिट्टी खोदी गई, PVC पाइप बिछाए गए, फिर चिप्स, रेत और घास डाली गई।
- मैदान का ढलान बहुत संतुलित है – पिच से बाउंड्री तक लगभग 29 इंच का अंतर।
🏏 क्रिकेट इतिहास
- पहला टेस्ट मैच: मई 2007 में बांग्लादेश बनाम भारत।
- भारी बारिश के बावजूद मैच समय पर शुरू हुआ – जो इसकी बेहतरीन ड्रेनेज प्रणाली की वजह से संभव हो पाया।
- पिच आम तौर पर धीमी और फ्लैट मानी जाती है।
- मैदान में लगाए गए फ़्लडलाइट्स फुटबॉल मैचों के लिए बने थे, जिन्हें बाद में बदला जाना आवश्यक था।
🌟 खास विशेषताएं
- स्टेडियम अभी भी विकास की प्रक्रिया में है लेकिन पहले से ही इसे उपमहाद्वीप के प्रमुख क्रिकेट स्थलों में गिना जाता है।
- स्टैंड्स के नीचे की त्रिकोणीय जगहों का इस्तेमाल फर्नीचर दुकानों के लिए किया गया है।
- स्टेडियम के पास का घास रहित मैदान हर सुबह और शाम लगभग 20 टेनीस-बॉल क्रिकेट मैचों का गवाह बनता है।
- यही कारण है कि इसे बांग्लादेश क्रिकेट का नया घर कहा जाता है।
📌 मुख्य तथ्य (Key Facts)
- 📍 स्थान: मीरपुर, ढाका, बांग्लादेश
- 🏏 पहला टेस्ट: बांग्लादेश बनाम भारत (2007)
- 🌧️ ड्रेनेज सिस्टम: उपमहाद्वीप का सर्वश्रेष्ठ
- ⚡ फ़्लडलाइट्स: प्रारंभ में फ़ुटबॉल के लिए उपयोग, बाद में क्रिकेट अनुरूप संशोधित
- 🏟️ विशेष पहचान: बांग्लादेश क्रिकेट का प्रमुख केंद्र