एजबेस्टन स्टेडियम, बर्मिंघम (इंग्लैंड) के दक्षिणी उपनगर में स्थित, इंग्लैंड के सबसे प्रतिष्ठित क्रिकेट मैदानों में से एक है। यह लंबे समय तक इंग्लैंड का छठा नियमित टेस्ट वेन्यू रहा, जब तक मई 2003 में चेस्टर-ले-स्ट्रीट को टेस्ट वेन्यू घोषित नहीं किया गया। एजबेस्टन का पहला टेस्ट मैच 1902 में हुआ था, जिसमें विलफ्रेड रोड्स ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को केवल 36 रन पर ऑलआउट कर दिया था।
आज एजबेस्टन इंग्लैंड के बेहतरीन क्रिकेट स्टेडियमों में गिना जाता है। कभी यह “खाली घास के मैदान” के रूप में जाना जाता था, लेकिन 19वीं सदी के अंत में यह वार्विकशायर काउंटी क्रिकेट क्लब (Warwickshire CCC) का तीसरा घर बन गया। पहले 27 वर्षों में यहाँ सिर्फ 4 टेस्ट खेले गए, लेकिन 1957 में जब यह फिर से सर्किट में लौटा, तब इसे इंग्लैंड का सबसे आधुनिक स्टेडियम माना गया। 1950 में बना थ्वेट मेमोरियल स्कोरबोर्ड इसकी खास पहचान रहा।
स्टेडियम का विकास और नवीनीकरण
1990 के दशक के अंत में एजबेस्टन में बड़े पैमाने पर नवीनीकरण शुरू हुआ। लॉटरी फंड से वित्त पोषित इस परियोजना में Edgbaston Cricket Centre और £2 मिलियन का एरिक हॉलीज़ स्टैंड शामिल था। इसके बाद 2011 में नया और विशाल पवेलियन तैयार हुआ, जिसने पुराने पवेलियन को पीछे छोड़ दिया।
एजबेस्टन के ऐतिहासिक पल
- यहाँ कई बार T20 Blast Finals Day आयोजित किया गया है।
- 1994 में ब्रायन लारा ने डरहम के खिलाफ 501 नॉट आउट की ऐतिहासिक पारी खेली, जो अब भी फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में विश्व रिकॉर्ड है।
- 1999 विश्व कप का मशहूर ऑस्ट्रेलिया बनाम दक्षिण अफ्रीका सेमीफाइनल यहीं खेला गया था, जो टाई हुआ और इसे अब तक का सबसे महान ODI कहा जाता है।
- 2005 एशेज (Ashes 2005) के दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को 2 रन से हराकर सीरीज में बराबरी की और इतिहास रच दिया।